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किरीट शक्तिपीठ || Kirit Shakti Peeth

किरीट शक्तिपीठ || Kirit Shakti Peeth


किरीट शक्तिपीठ, Kirit Shakti Peeth

किरीट- विमला भुवनेशी शक्तिपीठ  


शिव की अद्रधांगिनी माता देवी सती यानी मां पार्वती अपने दिव्य रूपों में अलग-अलग जगह पर मौजूद हैं। जहां-जहां मां के इन तेजस्वी और जागृत रूप मौजूद हैं वह सारे स्थल शक्तिपीठों के नाम से जाने जाते हैं। यही नहीं देवीपुराण में इन 51 शक्तिपीठों का वर्णन भी मिलता है। देवी के पहले और जागृत शक्तिपीठ जिसे किरीट शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है। पश्चिम बंगाल के हुगली नदी के तट जिसका नाम लालबाग कोट है वहां यह देवी का स्थल मौजूद है।


किरीट शक्तिपीठ, Kirit Shakti Peeth


पश्चिम बंगाल में हावड़ा स्टेशन से 2.5 किलोमीटर आगे मुर्शीदाबाद जिला में एक लालबाग कोट स्टेशन है, जो हावड़ा-वरहर लाइन पर है, वहां से 5 किलोमीटर दूर है बड़नगर। वहीं हुगली नदी के तट पर स्थित है- किरीट शक्तिपीठ। यह स्थान कोलकाता महानगर में ही आता है। 


किरीट शक्तिपीठ, Kirit Shakti Peeth


यहीं माता का मुकुट गिरा था। इसकी शक्ति है विमला और शिव को संवर्त्त कहते हैं। अर्थात यहां की सती विमला अथवा भुवनेश्वरी हैं तथा शिव हैं संवर्त। (शक्ति का मतलब माता का वह रूप जिसकी पूजा की जाती है तथा भैरव का मतलब शिवजी का वह अवतार जो माता के इस रूप के स्वांगी है )


किरीट शक्तिपीठ, Kirit Shakti Peeth


कहते हैं अपने पिता राजा दक्ष के हवन पर बिना बुलाए पहुंच जाने पर जब देवी सती का राजा दक्ष द्वारा अपमान किया गया था। जिससे आहत होकर देवी सती ने उसी हवन कुंड में कूदकर अपने प्राण त्याग दिए थे। इस बात का जब भगवान शिव को पता चला तो वो देवी सती के शव को कुंड से निकालकर तांडव करने लगे थे। उनके तांडव के कारण पूरी ब्राह्मांड को खतरा हो गया था। जिससे बचने के लिए सभी देवता गण ने भगवान विष्णु के आगे अपनी प्रार्थना की और भगवान शिव को शांत करने के लिए कहा। देवाताओँ की प्रार्थना सुनकर भगवान विष्णु ने देवी सती के शव को अपने चक्र के 51 टुकड़ों में बांट दिया था। 


किरीट शक्तिपीठ, Kirit Shakti Peeth


इनहीं टुकड़ों में से पहला देवी का मुकुट जहां गिरा वही स्थल आज किरीट माता के शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है। कहते हैं कि यहां कि शक्ति विमला अथवा भुवनेश्वरी तथा भैरव संवर्त हैं। ( शक्ति का मतलब माता का वह रूप जिसकी पूजा की जाती है और भैरव का मतलव शिवजी का वह अवतार जो माता के इस रूप के साथ है।

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